साल 2024 में किरण राव द्वारा निर्देशित फिल्म "लापता लेडीज" ने दर्शकों और समीक्षकों दोनों का ध्यान खींचा। यह फिल्म भारत की ओर से ऑस्कर अवार्ड्स में ऑफिशियल एंट्री के रूप में भी चुनी गई थी। लेकिन अब इस फिल्म पर कहानी चोरी के गंभीर आरोप लग रहे हैं। रेडिट और सोशल मीडिया पर कई यूजर्स ने दावा किया है कि फिल्म की कहानी 2019 की एक विदेशी शॉर्ट फिल्म "बुर्का सिटी" से मिलती-जुलती है। इससे पहले भी निर्देशक अनंत महादेवन ने इस फिल्म पर अपनी 1999 की फिल्म "घूंघट के पट खोल" से चोरी का आरोप लगाया था।
क्या वाकई "लापता लेडीज" की कहानी किसी और की रचना से प्रेरित है? आइए, इस विवाद को विस्तार से समझते हैं।
बुर्का सिटी और लापता लेडीज में क्या है समानता?
2019 में रिलीज हुई शॉर्ट फिल्म "बुर्का सिटी" एक सैटायरिकल कॉमेडी है, जिसकी कहानी मिडिल ईस्ट पर आधारित है। इस फिल्म में एक व्यक्ति की नई दुल्हन किसी दूसरी महिला से बदल जाती है क्योंकि दोनों ने बुर्का पहना होता है। यह फिल्म महज 19 मिनट की है, लेकिन इसकी कॉन्सेप्ट काफी यूनिक है।
अब अगर "लापता लेडीज" की बात करें, तो इसमें भी दो दुल्हनें घूंघट की वजह से बदल जाती हैं। हालांकि, इस फिल्म में महिलाओं से जुड़े सामाजिक मुद्दों को भी गहराई से दिखाया गया है, लेकिन बेसिक प्लॉट "बुर्का सिटी" से मिलता-जुलता है।
क्या यह केवल एक संयोग है?
कुछ लोगों का मानना है कि "लापता लेडीज" की कहानी मूल रूप से "बुर्का सिटी" से प्रेरित है, लेकिन इसे भारतीय संदर्भ में ढालकर पेश किया गया। वहीं, किरण राव और उनकी टीम ने अभी तक इस मामले पर कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया है।
पहले भी लग चुके हैं प्लेजियरिज्म के आरोप
"लापता लेडीज" पर यह पहला विवाद नहीं है। जब यह फिल्म रिलीज हो रही थी, तब निर्देशक अनंत महादेवन ने दावा किया था कि इसकी कहानी उनकी 1999 की फिल्म "घूंघट के पट खोल" से मिलती-जुलती है। उनकी फिल्म में भी दो दुल्हनों के बदल जाने और एक महिला के अस्तित्व की तलाश की कहानी थी।
महादेवन ने कहा था –
"मैंने यह कहानी दशकों पहले बनाई थी। अगर किरण राव और आमिर खान (प्रोड्यूसर) ने इसी कॉन्सेप्ट पर फिल्म बनाई है, तो कम से कम मुझे क्रेडिट देना चाहिए था।
हालांकि, उस समय भी आमिर खान और किरण राव ने इस मुद्दे पर चुप्पी साध ली थी।
सोशल मीडिया पर क्या है रिएक्शन?
जब से "बुर्का सिटी" और "लापता लेडीज" के बीच समानताएं सामने आई हैं, सोशल मीडिया यूजर्स की प्रतिक्रिया काफी तीखी रही है।
कुछ यूजर्स का कहना है कि "प्रेरणा लेना और कॉपी करना अलग-अलग बातें हैं। अगर किरण राव ने 'बुर्का सिटी' से आइडिया लिया है, तो उन्हें क्रेडिट देना चाहिए था।
कुछ का मानना है कि भारतीय सिनेमा में अक्सर विदेशी फिल्मों की नकल की जाती है, लेकिन ऑस्कर के लिए भेजी गई फिल्म पर ऐसे आरोप शर्मनाक हैं।
कुछ फैंस का कहना है कि "कहानी चाहे जहां से भी ली गई हो, 'लापता लेडीज' ने उसे बेहतरीन तरीके से पेश किया है।
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क्या होता है प्लेजियरिज्म का कानूनी पहलू?
अगर "बुर्का सिटी" के निर्माता या अनंत महादेवन कानूनी कार्रवाई करते हैं, तो क्या होगा?
कॉपीराइट कानून के तहत, अगर कोई फिल्म किसी दूसरी फिल्म के स्टोरी, सीन्स या कॉन्सेप्ट की नकल करती है, तो मामला कोर्ट तक जा सकता है।
हालांकि, "आइडिया" को कॉपीराइट नहीं किया जा सकता, लेकिन अगर पूरी कहानी और दृश्य समान हैं, तो यह प्लेजियरिज्म माना जा सकता है।
अभी तक "बुर्का सिटी" के निर्माताओं ने कोई कानूनी नोटिस नहीं भेजा है, लेकिन अगर वे ऐसा करते हैं, तो "लापता लेडीज" की टीम को जवाब देना पड़ सकता है।
क्या सच में हुई है चोरी?
फिल्म "लापता लेडीज" ने भले ही दर्शकों का दिल जीता हो, लेकिन प्लेजियरिज्म के आरोप इसकी साख को नुकसान पहुंचा सकते हैं। अगर किरण राव और आमिर खान ने "बुर्का सिटी" या "घूंघट के पट खोल" से प्रेरणा ली है, तो उन्हें इस बात को स्वीकार करना चाहिए।
भारतीय सिनेमा में मौलिकता की कमी पहले से ही एक बड़ा मुद्दा रही है। अगर ऑस्कर जैसे प्लेटफॉर्म पर भेजी गई फिल्में भी विवादों में घिरेंगी, तो इससे भारतीय फिल्म इंडस्ट्री की छवि को ठेस पहुंच सकती है।
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